*⚖️ वाराणसी कोर्ट अपडेट⚖️*
*अपहरण के मामले में आरोपी को मिली जमानत*
*वाराणसी: न्याय की दहलीज पर तथ्यों और बयानों की अहमियत एक बार फिर साबित हुई है। वाराणसी के जिला एवं सत्र न्यायालय ने अपहरण के एक बहुचर्चित मामले में अभियुक्त प्रदुम उर्फ नन्दा की जमानत अर्जी को स्वीकार करते हुए उसे रिहा करने का आदेश जारी किया है।*
*🏛️ कोर्ट का फैसला और सुनवाई*
*जिला एवं सत्र न्यायाधीश संजीव शुक्ला की अदालत में हुई इस सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष और अभियोजन पक्ष के बीच तीखी बहस हुई। मामले की गंभीरता को देखते हुए कोर्ट ने सभी साक्ष्यों, विशेषकर पीड़िता के बयानों का सूक्ष्मता से अवलोकन किया।*
📍 *मामले की पृष्ठभूमि (Case Background)*
*आरोप: वादी (पिता) ने आरोप लगाया था कि 03 फरवरी 2026 को अभियुक्त उसकी नाबालिग पुत्री को बहला-फुसलाकर भगा ले गया था।*
*थाना: यह मामला वाराणसी के राजातालाब थाने में दर्ज किया गया था।*
🔍 *जमानत मिलने का मुख्य आधार: 'बयान की शक्ति'*
*इस मामले में सबसे बड़ा मोड़ तब आया जब बचाव पक्ष के वरिष्ठ अधिवक्ता मुहम्मद नदीम ने कोर्ट के सामने धारा 183 BNSS (भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता) के तहत दर्ज पीड़िता के बयान को पेश किया।*
*महत्वपूर्ण तथ्य: पीड़िता ने मजिस्ट्रेट के समक्ष स्पष्ट रूप से कहा कि वह "अपनी मर्जी से गई थी" और उस पर किसी प्रकार का दबाव नहीं था। कानूनन, जब पीड़िता स्वयं सहमति की बात स्वीकार करती है, तो अपहरण (Kidnapping) की धाराएं कमजोर हो जाती हैं।*
*🎓 डिफेंस टीम (Defense Legal Team)*
*वरिष्ठ अधिवक्ता मुहम्मद नदीम के नेतृत्व में अधिवक्ताओं की एक मजबूत टीम ने अभियुक्त का पक्ष रखा। इस टीम में शामिल थे Adv.Munish, Adv.Jiyaul Haq, Adv.Abdulla Khalid